सुशील त्यागी
नेफोमा के साथ मीटिंग के बाद एनपीसीएल ने लिखा गौरसन्स, सुपरटेक इको विलेज 1,2,3, महागुन, वेदान्तम को पत्र, बिजली ऊर्जा मीटर से प्रीपेड बिजली के अलावा अन्य शुल्कों में कटौती के संबंध में माननीय यूपीईआरसी के टैरिफ आदेश का गैर-अनुपालन का नेफोमा ने लगाया था आरोप, शिकायत के बाद हुए आदेश के बाद सोसाइटी में करेगी एनपीसीएल विजट, बिल्डर नही काट पाएगें प्रीपेड मीटर से मेंटिनेंस व अन्य चार्ज।
एनपीसीएल ने उपभोक्ताओं से चार्ज किए गए बिजली टैरिफ को इलेक्ट्रिक टैरिफ ऑर्डर के अनुसार सख्ती से लागू करने के लिए बिल्डर को निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश बिजली नियामक आयोग (यूपीईआरसी) द्वारा पारित बिजली दरों के अनुसार, बिजली शुल्क के अलावा अन्य शुल्क, यानी सामान्य क्षेत्र रखरखाव परिवर्तन, जल शुल्क, क्लब शुल्क आदि की कटौती प्री-पेड बिजली के मीटरों से नहीं की जाएगी और अंतिम उपभोक्ता के बिजली की आपूर्ति को अन्य शुल्कों से संबंधित भुगतानों में चूक के बहाने डिस्कनेक्ट नहीं किया जाएगा।
नेफोमा अध्यक्ष अनु खान ने एनपीसीएल के पदाधिकारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि बिल्डर ने बिजली के बिल में लगातार मनमानी का व्यवहार रखा और हमारी तमाम बिजली की शिकायतों को अनदेखा किया, तत्पश्चात नेफोमा टीम एनपीसीएल में बिल्डर की मनमानी के ख़िलाफ़ एनपीसीएल में शिकायत करी।
महासचिव रश्मि पाण्डेय ने बताया की नेफोमा टीम ने इससे पहले क़रीब तीन घंटे की मीटिंग में एनपीसीएल के वाइस प्रेज़िडेंट और अन्य पदाधिकारियों को समस्याओं से अवगत कराया था जिसके तहत एनपीसीएल ने यह क़दम उठाया।